बालों की देखभाल के लिए आयुर्वेदीय उपाय

आयुर्वेदिक तरीके से बालों की देखभाल (Taking Care Of Hair In Ayurvedic Way In Hindi)

भारतीय पद्धति में चिकित्सा के लिए पूर्णरूपेण कारगर सिद्ध होने वाली प्रणाली का इस्तेमाल किया जाता है. आयुर्वेद के अनुसार बाहिय चिकित्सा से अधिक महत्वपूर्ण है और कुछ सावधानियाँ लेनी भी आवश्यक हैं. आयुर्वेद ने  इस बात पर ज़ोर दिया है कि आहार-विहार उचित होना चाहिए. भोजन ग्रहण करने में अनियमितता से अनेक प्रकार के अभाव शरीर में आने लग जाते हैं. इससे बालों की चमक, ताक़त, रंगत और पुष्टि  अच्छी स्वरूप में रहती हैं. एक इंसान की पूर्ण प्रकृति  पर मनुष्य के बालों में रूसी, पतला पन, बालों का जल्दी सफेद हो जाना, ये सब पाया जा सकता है.
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नियमित रूप से सिर में तेल मालिश करनी चाहिए: बाहिय रूप से औषधीय तेल की मालिश सर्वथा उचित है. यही केश्य औषधियों द्वारा युक्त  तेल से मालिश की जाए तो यह अति लाभदायक परिणाम देती है.
नारियल, सरसों अथवा तिल तेल में आमला, भ्रिन्गराज, ब्राहमी  को डालकर बनाया गये तेल से
सर में हफ्ते में कम-से कम 3 बार मालिश करनी चाहिए. पुरातन आयुर्वेदीय संग्रह के अनुसार भरिंगराज , नीली भ्रिन्गादि तेल, महाभरिंगराज और ब्राहमी-अमला तेल बालों में लगाने के लिए सर्वश्रेष्ठ है.

नियमित रूप से बालों की सफाई: बालों और सर को सदैव सॉफ रखना चाहिए. इसी से बाल सुंदर, और बिना उलझन के रहते हैं. घर में बनाए हुए औषधीय शॅमपू से बालों को तेल लगाने के पश्चात धोएँ. इसके बाद उन्हे प्राकृतिक रूप से कंडीशन भी करें. प्राकृतिक तेल बालों को स्वस्थ और पुष्ट रखता है.
बालों में अधिक चमक जगाने के लिए ढोने के बाद उनमें नींबू का रस डालकर धोएँ. इससे बालों की चमक बढ़ जाती है.


भोजन नियमित रूप से करें (Regular Dietary Regimen As Per Ayurveda For Healthy Hair In Hindi)

  • अनियमित रूप से भोजन लेना या निम्न कोटि का भोजन लेने से शरीर के अन्य धातुयों के साथ-साथ बालों के स्वास्थ पर भी प्रभाव पड़ता है. बालों के स्वस्थ को अस्थि यानि हड्डी के स्वस्थ से जोड़ा जाता है. क्योंकि बाल भी उसी तत्व से बनते है जिससे हड्डियाँ.
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  • भोजन खाने के सही तरीके को जानने के लिए भोजन और स्वासस्ती नामक पोस्ट पढ़ें.
    मुख्यतः भोजन एकांत में बैठकर सेवन करना चाहिए और खाना खाते समय अधिक मात्रा में पानी नही पीना चाहिए. यदि गरिष्ट और मसालेदार भोजन खा रह हैं , तो उसके साथ तोड़ा सा कुनकुना पानी लिया जा सकता है.
  • रात्रि का भोजन हल्का और सुपाच्य रखें. अधिक मात्रा में चाय, कॉफी का सेवन न करें. टला हुआ, मसालेदार, खट्टा, नमकीन और तीखा भोजन नही खाना चाहिए. यदि शरीर में उचित रूप से रक्त का दौरा न होता हो. उससे भी बालों में पोषण पहुँचने में दिक्कत आती है.
  • टाइफाइड, पीलिया, हॉर्मोन की अनियमितता के कारण भी बालों के स्वस्थ पर दुष्प्रभाव पड़ सकता है. 40 वर्ष की आयु के बाद व्यक्ति को नियमित रूप से विरेचन और शुद्धीकरण की क्रियाएँ करनी चाहिए ताकि शरीर में एकत्रित आम का निष्कासन हो जाए. त्रिफला का नियमित प्रयोग करना भी आवश्यक है. इससे शरीर की शुद्धि हो जाती है और इसकी आदत भी नही पड़ती.

कुछ महत्वपूर्ण परामर्श (Some Important Tips For Ayurvedic Care Of Hair In Hindi)

  • पौष्टिक आहार: पौष्टिक भोजन से व्यक्ति ना केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ रहता है अपितु उसके बालों में भी यह दिखाई देता है. आयुर्वेद में लाभकारी औषधियाँ में हरिद्रा, अमला, धनिया, ज़ीरा, हरड़, हींग, भरिंगराज, मौसमी फल जैसे सिटरस फलों का आहार द्वारा सभी प्रकार के दोषों से मुक्त कराने में सहायक है.
  • पूर्ण रूप से निद्रा लेना: 6-8 घंटे तक गहरी निद्रा स्वस्थ के लिए लेना भी आवश्यक है. पर्याप्त रूप से नींद लें.  आवश्यक जितना  संतुलित भोजन लेना चाहिए. अच्छी नींद के लिए हल्का सुपाच्य भोजन लेने के १ घंटे उपरांत दूध पीना बहुत सहायक है.
  • तनाव से मुक्त रहना: तनाव से खुद को बचान भी बालों के स्वस्थ के लिए बहुत लाभदायक है. यदि इसी प्रकार से बहुत देर तक चलता रहे तो व्यक्ति को जल्द ही बालों के झड़ने, और उनके समय असमय होने की समस्या उत्पन्न हो जाती है.
    बालों का रूप और उनकी हालत से व्यक्ति के आंतरिक स्वास्थ का पता चलता है.
  • अच्छी गुणवत्ता की नींद स्वास्थ और बालों की सेहत के लिए अनिवार्य है.
  • यदि आपके बाल अधिक झड़ रहे हैं तो आप प्रोटीन से युक्त भोजन लेना आवश्यक है.
  • बहुत अधिक तेज़ शॅमपू से करने से व्यक्ति के बालों पर दुष्प्रभाव पड़ता है.
  • बालों की सफाई पर विशेष ध्यान दें.
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  • खारे पानी से बालों को सॉफ मत करें. इसे ये जल्दी टूटकर गिर जाएँगे.
  • बालों को ड्रायर (drier) से सूखने की बजाय प्राकृतिक रूप से सूखने दें.

    खुद बनाएँ बालों के लिए शॅमपू (Home-made Ayurvedic Shampoo For Healthy, Silky Hair In Hindi)

  • आमला- ५० ग्राम
  • शिककाई- ३० ग्राम
  • अरिश्तक- २० ग्राम
    इन तीन पदार्थों को 1.5 लीटर सॉफ पानी में मिलाएँ और तब तक उबालें जब तक यह 1 लीटर के बराबर रह जाए. बाद में इसे छान कर एक सॉफ सुथरे डब्बे या बोतल में भर कर रख लें. परंतु शॅमपू करने से पहले बालों में तेल को अच्छी तरह से मालिश करें, ख़ासकर अगर आपके बाल खुश्क प्रकृति के हैं.
  • प्राकृतिक मेहन्दी और आमला का घोल बराबर मात्रा में लगाने से भी नर्म, मज़बूत बनते है. २ कप प्राकृतिक मेहन्दी में आधा कप आमला पाउडर मिलकर लगाने से बालों को स्वस्थ लाभ मिलने के साथ-साथ सफेद बालों की समस्या भी निवृत्त हो जाती है. यह बालों के लिए एक प्राकृतिक कंडीशनर भी है.

    स्वस्थ बालों के लिए प्राकृतिक कंडीशनर (Ayurvedic Natural Hair Home-Made Conditioner For Healthy Beautiful Hair In Hindi)

  • कंडीशनर: 3-4 चम्मच कोल्ड-प्रेस्ड नारियल तेल में 2 चम्मच शहद डाल लें. इन दोनो को अच्छी तरह से घोल लीजिए. इस मिश्रण को उबलते पानी में मिश्रण वाले कप को रखकर हल्का गर्म करें. इस मिश्रण को बालों धोने के पश्चात 10-15 मिनट लगाएँ और फिर धो लें. अद्भुत परिणाम देखने को मिलेंगे.
  • आप मुट्ठी भर पुदीने के पत्ते को 2 कप पानी में तब तक उबालें जब तक यह आधा न रह जाए और 2 बड़े चम्मच काली चाय की पट्टी को तीन 1 कप पानी में 5 मिनट उबाल कर छान लें. ठंडे हो जाने पर दोनो मिश्रण को आपस में मिला दें. बाल धोने के उपरांत इस मिश्रण से बालों को धोएँ. आपके बाल मज़बूत, मुलायम, काले औ रेशमी हो जाएँगे.