प्राकृतिक रूप से कैल्कुलस से छुटकारा – दाँतों की देखभाल

मुख की दुर्गंध (Bad Breath or Halitosis)

मुख से आने वाली दुर्गंध व्यक्ति के स्वास्थ और व्यक्तित्व का एक बहुत महत्वपूर्ण पहलू है. मुख की दुर्गंध का मुख्य कारण है जिव्हा के पिछले हिस्से में जमा जीवाणु संग्रह. यह बहुत से कारणों की वजह से हो सकता है. परंतु मुख्यतः यह गन्ध युक्त खाने की सेवन की वजह से होता है. इसके अलावा धूम्रपान, मुख सूखने के कारण, किसी प्रकार के रोग, मसूड़ों के फूलने की वजह से या फिर साइनस जैसी तकलीफ़ की वजह से भी हो सकता है. पेट की खराबी और शरीर में अतिरिक्त टॉक्सिन के कारण भी यह समस्या पाई जाती है. मुख की सफाई पर ध्यान देने से इस शिकायत को दूर रखा जा सकता है. मुख की दुर्गंध के साथ पाए जाने वाले अन्य लक्षण हैं मुख में छाले और मसूड़ों में खून का रिसाव. ख़ासकर पेट को सॉफ रखना भी अत्यंत आवश्यक है. इसके लिए त्रिफला का प्रयोग हितकर है. त्रिफला का सेवन ऋतु के अनुसार उचित रूप से ही करना अचाहिए अन्यथा दीर्घ काल तक इसके अनुचित रूप से प्रयोग किए जाने पर गंभीर समस्या पचाशय में आ सकती है. गर्मियों में त्रिफला का एक चम्मच के साथ छेवान हिस्सा गुड़ लें. वर्षा ऋतु में पूर्व लिखित मात्रा में ही सेंधा नमक के साथ लीजिए. पतझड़ के मौसम में शकराकारा के साथ सेवन उचित है. हेमंत ऋतु में इसका सेवन सूखे अदरक के साथ करें. शिशिर में यह पिप्पली के साथ सेवन करना चाहिए. वसंत ऋतु में शहद के साथ त्रिफला को लें.
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मुख की दुर्गंध हटाने में कारगर कुछ प्रयोग (Simple Tips For Treating Bad Breath As Per Ayurveda In Hindi)

  • हर रोज़ दिन में दो बार नर्म ब्रश से दांतो की सफाई करें. पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए. आपके रसोई में उपलब्ध कुछ आसानी से मिलने वाले मसालों के प्रयोग से द्वारा जिनमें सौंफ, धनिया, लौंग, नींबू का रास, हर्बल चाय, बेकिंग सोडा, अजमोद शामिल है, इनका प्रयोग किया जाता है.
  • सौंफ: सौंफ को चबाकर खाने से आपका मुख सॉफ हो जाता है और इससे एक मुख में एक खुश्बुदार एहसास भी आता है.
  • दिन में 2-3 बार सौंफ को उबालकर उसका काढ़ा पिएं . इसके सेवन से मुख में दुर्गंध स्वतः ही चली जाएगी.
  • दालचीनी: इसके प्रयोग से दुर्गंधकारी कीटाणुयों का नाश हो जाता है. दालचीनी और इलायची का काढ़ा बनाएँ. ठंडा होने पर इस घोल से गरारे करें.
  • मेथीदाना के इस्तेमाल से श्वसन तंत्र में संक्रमण से उत्पन्न मुख की दुर्गंध का निवारण सहजता से हो जाता है. एक चम्मच मेथीदाना को एक कप पानी में उबाल लें. इस घोल को छान कर रोज़ पीजिए जब तक यह समस्या निवृत्त न हो जाए.
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  • लौंग को चबाने से मुख की दुर्गंध तुरंत गायब ही जाती है. 1 चम्मच लौंग का चूर्ण बनाकर इसको 1 कप पानी में 5-10 मिनट तक उबालें और इसका काढ़ा बना लें. इस काढ़े के सेवन से समस्या से बहुत जल्दी निवृत्ति मिलती है.
  • अच्छी तरह से टंग क्लीनर द्वारा जिव्हा को सॉफ रखें.
  • धूम्रपान और शराब का सेवन न करें.
  • खाना खाने का समय नियमित रखें.
  • योग एवं प्राणायाम का अभ्यास करने से शरीर में अवरोधित स्रोतों का खुलना संभव हो जाता है, जिस कारण से मुख की दुर्गंध स्वतः ही चली जाती है.

    घरेलू नुस्खे (Home Remedies For Bad Breath As Per Ayurveda In Hindi)

  • बाकूल, खादिर, लौंग, पान का बीज, इलायची, मायाफल, ज़ीरा, विडांग, मंजिष्ठ, काली मिर्च, कुलंजन, कपूर – इन सब को बराबर मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें. बराबर मात्रा में लेकर इनका चूर्ण बना लें. इस चूर्ण को साफ-सुथरे डब्बे में रखें. जब भी मुख में दुर्गंध लगे तो इस चूर्ण का एक चम्मच पानी में मिलाकर इसको माउथ वॉश की तरह इस्तेमाल करें. इससे अपने दाँतों का मंजन करें.
  • अजमोद की पत्तियों को चबाने से मुख की दुर्गंध से राहत मिलती है. अजमोद का जूस बनाकर रख लें और जब भी आपको आवश्यकता महसूस हो इसका सेवन कर मुख को ताज़ा कर लें. नींबू के रस के सेवन से मुख के कीटाणुयों का अंत होता है जिससे श्वास भी ताज़ा हो जाती है. यह एक पुराना आजमाया हुआ तरीका है.
  • ऐपल सिडर विनिगर (Apple-Cider Vinegar) का एक चम्मच भोजन खाने के पूर्व सेवन करें. इससे भोजन को पचने में आसानी मिलेगी. साथ ही यह मुख की दुर्गंध को नष्ट करने में सहायक है.
  • बेकिंग सोडा (Baking Soda): यह मुख की दुर्गंध नष्ट करने के लिए अत्यंत सहायक तत्व है. यह अम्लता को समाप्त कर मुख में ताज़गी का अनुभव देता है. बेकिंग सोडा युक्त एक गियास पानी से मुख के गरारे करने से अच्छे नाईजे सामने आते हैं. यदि आप बेकिंग सोडा से दाँतों का मंजन या ब्रश करते हैं तो यह और भी उपयोगी है. इससे जिव्हा पर कीटाणुयों की परत भी नही जमती.
  • बराबर मात्रा में मुलेठी, हल्दी और सारिवा लीजिए. इन तीनों को पीसकर शीशे के बरतन में रख लीजिए. इस चूर्ण का आधा चम्मच लेकर उसे एक गिलास पानी में तब तक उबालें जब तक यह सूख कर आधा न रह जाए. इस मिश्रण के 1 चम्मच चूर्ण को रात भर पानी में भिगो दीजिए. प्रातः इस पानी को छान लीजिए और इसे गरारे करने में इस्तेमाल करें. इस पानी से मुख और गले के कीटाणु मर जाते हैं और मुख में ताज़ापन अनुभव होता है.

दाँतों से कैल्कुलुस (Calculus) हटाने के आयुर्वेदीय उपाय Natural Ways To Remove Tartar As Per Ayurveda In Hindi

प्लाक मुख के जीवाणुयों का संग्रह है जो व्यक्ति की जिव्हा, दाँतों, मसूड़ों, और मुख में मौजूद दाँतों के आवरण पर जमा हो जाता है. जब इस संग्रह में खनिज तत्व मिश्रित हो जाते है और इसके बहुत सी इस प्रकार की चूने की तरह दिखने वाली परतें जमा होकर टार्टर या कॅल्क्युलस का निर्माण करती हैं. इसमें मुख में मौजूद कीटाणु पनपते हैं और यह खाने में व्याप्त चीनी और प्रोटीन को ही अपना भोजन बनाते हैं. इससे दाँतों में अनेक प्रकार की समस्याएँ उत्पन्न हो जाती हैं.

  • प्लाक से छुटकारा पाने के लिए नियमित रूप से दाँतों की देखभाल और इनकी सफाई अति आवश्यक है. अच्छे टूथपेस्ट से दाँतों को एक नर्म ब्रश के द्वारा दिन में दो बार – एक बार सुबह और रात को सोने से पहले अवश्य सॉफ करें.
  • अपने दाँतों को टंग क्लीनर से सॉफ करें.
  • दाँतों के बीच में फ्लॉस से सॉफ करें. इसके अलावा दाँतों से टार्टर को हटाने के लिए नूच घरेलू नुस्खों को इस्तेमाल करें.
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  • आयिल पुलिंग (Oil -Pulling): तेल से मुख की सफाई: दाँतों से प्लाक हटाने के लिए खाद्य नारियल तेल का एक घूँट भारिए और इससे मुख में दाएँ-बाएँ घुमाएँ . 5-10 मिनट इस प्रकार करने से दानरों पर से कीटाणुयों और विषैले तत्वों की परत घुल कर तेल में मिल जाती है. अब इस तेल को मुँह से बाहर फेंक दें. इसे निगलना नही चाहिए. इसके बाद दाँतों को नियमित रूप से ब्रश कर लीजिए. यदि यह प्रयोग हल्के गर्म तिल के तेल के साथ भी किया जा सकता है. सुबह-सुबह खाना खाए से पहले इस प्रयोग को हर रोज़ करें.
  • बेकिंग सोडा के इस्तेमाल से भी इस समस्या से छुटकारा मिलता है और इससे आपके दाँत मोतियों की तरह सफेद चमकदार बन जाते हैं.
  • थोड़े से बेकिंग सोडा ब्रश पर लगाकर उससे दाँतों को ब्रश करें और उसके बाद मुख को धो लें. बेहतर नतीजे के लिए आप दो चम्मच बेकिंग सोडा में एक चम्मच नमक मिलाएँ. इन दोनो को अच्छी तरह मिक्स करने के बाद गीले ब्रश से इस पाउडर को उठाकर दाँतों पर ब्रश करें.
  • एक चम्मच बेकिंग सोडा में पेस्ट बनाए लायक हयड्रोगन परॉक्साइड मिलाकर दाँतों को इस पेस्ट से ब्रश करें. अच्छी तरह कुरली करें और मुख को पानी से पूरी तरह सॉफ कर लें.
  • अमरूद के फल व उसके पत्तों को चबाकर कहने से प्राकृतिक तौर स ही दाँतों पर एकत्रित प्लाक उतर जाता है. इसमें बहुत बेहतरीन जीवाणु नाशक गुण पाएँ जाते हैं. इसे खाने से मसूड़ों और दाँतों में जलन और दर्द भी नष्ट होती है. एक कच्चा अमरूद लेकर उसपर नमक डालकर धीरे-धीरे इसे चबाएँ. दिन में 1-2 बार ऐसा करने से दाँतों पर एकत्रित प्लाक उतार जाता है. अमरूद की पत्तियों ओ उबालकर उनके पानी से मुख को धोएँ.
  • घृत कुमारी का एक अंग (पत्ता) लें. उसे चियर कर गुदा बाहर निकाल लें. इस गुदा से अब दाँतों, मसूड़ों की मालिश करें. इसे अब 10-15 मिनट तक लगा रहने दें. बाद में सॉफ पानी से कुरली कर लें. यह प्रयोग दिन में 2 बार करें.
  • 1 चम्मच लौंग के पाउडर में जैतून के तेल को मिलाकर उससे दाँतों की मालिश करें. कुछ देर मुख में रखने के पश्चात इसे धो डालें. यह प्रयोग दिन में दो बार करें.
  • सफेद सिरका(White Vinegar):  सफेद सिरके के दो चम्मच लेकर उसमें 1 चम्मच नमक मिला लीजिए. और यह मिश्रण आधा कप हल्के गर्म पानी में मिलाएँ. इस घोल से दिन में एक या दो बार मुख की कुरली करें.
  • संतरे के छिलके को दाँतों पर रात्रि सोने से पहले रगड़ लें और सुबह उठें के पश्चात इसे धो लें. आपके दाँत सफेद और चमकदार हो जाएँगे.
  • 1 बड़े चम्मच पानी में एक बूँद रोज़मेरी के तेल (Rosemary oil) की मिलाएँ. इसे मुख में दाएँ से बाएँ तीन-चार बार घुमाएँ और बाहर फेंक दें. फिर मुख को धो लें. दिन में 2 बार ऐसा करें.
  • नीम की दातुन से दाँतों और मसूड़ों को रगड़ें व इनकी सफाई करें.
  • वर्ष में एक बार दाँतों को डेंटिस्ट के पास जाकर अवश्य इनकी पूरी सफाई करवाएँ.